उत्तराखंड: हल्द्वानी व नैनीताल में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। नशामुक्ति केंद्र पर परामर्श, उपचार समेत सभी जरूरी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी। जिला प्रशासन ने सेंटर के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नशामुक्त भारत अभियान के तहत निर्मित होने वाले नशामुक्ति केंद्र की निगरानी स्वयं जिलाधिकारी करेंगे। हालांकि सेंटर संचालन का जिम्मा स्वयंसेवी संस्था को दिया जाएगा। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने नगर आयुक्त हल्द्वानी व नगरपालिका नैनीताल के अधिशासी से सेंटर के लिए निश्शुल्क भवन या न्यूनतम दरों पर किराये के साथ आवास की उपलब्धता की 15 दिनों में आख्या मांगी है।

नशामुक्त भारत अभियान के तहत डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में व्यसन निवारण सुविधा (एटीएफ) वार्ड स्थापित किया जाना है। इसे पिछले साल दिसंबर में शुरू होना था। कोविड के कारण इसे अप्रैल तक टाल दिया गया। जिला प्रशासन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर तत्काल एटीएफ वार्ड शुरू करने को कहा है। एटीएफ वार्ड शुरू करने के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से आया पांच लाख रुपये समाज कल्याण विभाग में लंबित है। वार्ड स्थापित होने के बाद ओपीडी व अन्य कार्यों के लिए धनराशि केंद्र सरकार से अनुमन्य होगी। सेंटर परनशे के आदी लोगों का उपचार, नशे से बचाव के लिए परामर्श, नशा छुड़ाने के लिए जरूरी काउंसलिंग, आउटरीच जैसी व्यापक सुविधा उपलब्ध होगी।

हल्द्वानी में नशामुक्ति के पांच प्राइवेट सेंटर चल रहे हैं। कुछ सेंटर पर मानसिक बीमारियों से संबंधित मरीजों का भी उपचार किया जाता है। नशामुक्ति केंद्रों की संख्या नशे के बढ़ते मामलों की पुष्टि करते हैं। सरकारी केंद्र खुलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। डीएम नैनीताल धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि नशामुक्त भारत पीएम मोदी का महत्वाकांक्षी अभियान है। नशामुक्ति केंद्र के लिए नैनीताल, हल्द्वानी में जगह तलाशी जा रही है। एसटीएच में इसी महीने एटीएफ वार्ड शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

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